अक्सर जब भी महंगी लकड़ी की बात आती है, तो भारत में हम सभी के दिमाग में सबसे पहला नाम चंदन का आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसी लकड़ी भी है जिसकी कीमत के सामने चंदन भी फीका पड़ जाता है?
जी हां, हम बात कर रहे हैं अफ्रीकन ब्लैकवुड (African Blackwood) की। इसे दुनिया की सबसे दुर्लभ और बेशकीमती लकड़ियों में गिना जाता है। आइए जानते हैं इसके बारे में सब कुछ।
1. कीमत जो होश उड़ा दे
जहाँ चंदन की लकड़ी कुछ हज़ार रुपयों में मिल जाती है, वहीं अफ्रीकन ब्लैकवुड के एक किलो की कीमत करीब 7 से 8 लाख रुपये (£8,000 पाउंड) तक होती है। इसका मतलब है कि महज कुछ किलो लकड़ी की कीमत में आप एक लग्जरी कार या एक फ्लैट खरीद सकते हैं।
2. कहाँ पाया जाता है यह पेड़?
जैसा कि नाम से ही साफ है, यह पेड़ मुख्य रूप से मध्य और दक्षिणी अफ्रीका के सूखे क्षेत्रों में पाया जाता है। यह पेड़ आकार में बहुत विशाल नहीं होता, इसकी औसत ऊंचाई 30 से 40 फीट के बीच होती है।
3. 60 साल का लंबा इंतजार
अफ्रीकन ब्लैकवुड के इतना महंगा होने की सबसे बड़ी वजह इसका 'ग्रोथ रेट' है। इस पेड़ को पूरी तरह तैयार होने और कटाई के लायक बनने में लगभग 60 साल का समय लगता है। धीमी गति से बढ़ने के कारण इसकी उपलब्धता बहुत कम है और मांग बहुत ज्यादा।
4. किन चीजों में होता है इसका इस्तेमाल?
इतनी महंगी लकड़ी का उपयोग साधारण फर्नीचर में नहीं किया जाता। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में होता है:
- प्रीमियम म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स: शहनाई, बांसुरी, क्लैरिनेट और ओबो जैसे वाद्य यंत्र बनाने के लिए यह सबसे बेहतरीन लकड़ी मानी जाती है।
- लग्जरी फर्नीचर: दुनिया के सबसे अमीर लोगों के लिए खास नक्काशीदार फर्नीचर बनाने में इसका उपयोग होता है।
- कलाकृतियां: दुर्लभ सजावटी सामान और महंगी कलाकृतियों के लिए भी ब्लैकवुड पहली पसंद है।
5. लुप्त होने की कगार पर
दुख की बात यह है कि अत्यधिक दोहन और अवैध तस्करी के कारण अफ्रीकन ब्लैकवुड की संख्या लगातार कम होती जा रही है। यही कारण है कि इसे अब बेहद संरक्षित प्रजातियों की श्रेणी में रखा गया है।
निष्कर्ष
अफ्रीकन ब्लैकवुड न केवल अपनी मजबूती और चमक के लिए जानी जाती है, बल्कि यह धैर्य और समय की भी प्रतीक है। अगर आपको यह जानकारी दिलचस्प लगी हो, तो इसे शेयर जरूर करें!

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